पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नीले रंग का आधार कार्ड

  • अब पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) ने नीले रंग का बाल आधार कार्ड जारी किया है।
  • पांच साल से कम आयु के बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए माता या पिता में से किसी एक का आधार नंबर और बच्चे के जन्म का प्रमाण पत्र जरूरी होगा।
  • पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बायोेमीट्रिक्स का निर्माण नहीं किया जाता। इसलिए यूआईडीएआई द्वारा जारी बाल आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट्स व आयरिस स्कैन सूचनाएं शामिल नहीं होती।
  • हालांकि, बच्चा जब पांच साल का हो जाएगा, तो उसका बायोमीटिक आंकड़ा देना होगा। किसी भी आधार केंद्र में यह काम कराया जा सकता है।
  • यदि सात साल तक बच्चे की बायोमीटिक डिटेल को अपडेट नहीं कराया गया, तो कार्ड सस्पेंड हो जाएगा।
  • इसके बाद 15 साल की आयु में दूसरी और आिऽरी बार बायोमीटिक डिटेल्स अपडेट करानी होगी।
  • विदेश में बच्चे की शिक्षा और स्कॉलरशिप हासिल करने के लिए बाल आधार जरूरी होगा।

भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई)

  • भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) एक सांविधिक प्रा‍धिकरण है , जिसकी स्‍थापना भारत सरकार द्वारा आधार (वित्‍तीय और अन्‍य सब्सिडी, लाभ और सेवाओं के लक्षित वितरण) अधिनियम, 2016 (“आधार अधिनियम, 2016”) के प्रावधानों के अंतर्गत, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत् दिनांक 12 जुलाई, 2016 को की गई.
  • एक सांविधिक प्राधिकरण के रूप में अपनी स्‍थापना से पूर्व यूआईडीएआई तत्‍कालीन योजना आयोग (अब नीति आयोग) राजपत्र अधिसूचना संख्‍या ए-43011/02/2009-एडमिन-1 दिनांक 28 जनवरी, 2009 के तहत् इसके एक सम्‍बद्ध कार्यालय के रूप में कार्य कर रहा था। बाद में सरकार द्वारा सरकारी कार्य आवंटन नियमों में संशोधन करके 12 सि‍तम्‍बर, 2015 को यूआईडीएआई को तत्‍कालीन सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग (डीईआईटीवाई) के साथ सम्‍बद़ध कर दिया गया।
  • यूआईडीएआई की स्‍थापना भारत के सभी निवा‍सियों को “आधार” नाम से एक विशिष्‍ट पहचान संख्‍या (यूआईडी) प्रदान करने हेतु की गई थी ताकि इसके द्वारा (क) दोहरी और फर्जी पहचान समाप्‍त की जा सके और (ख) उसे आसानी से एवम् किफायती लागत में सत्‍यापित और प्रमाणित किया जा सके।
  • प्रथम यूआईडी नम्‍बर महाराष्‍ट्र के निवासी, नन्‍दूरबार को 29 सितम्‍बर 2010 को जारी किया गया। प्राधिकरण द्वारा अब तक 111 करोड़ से अधिक भारतीय निवासियों को आधार नम्‍बर प्रदान किए जा चुके हैं।
  • आधार कार्ड संख्या 12 अंकों का होता है।



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