बांध सुरक्षा विधेयक 2018 को संसद में प्रस्‍तुत करने को स्‍वीकृति

क्या: बांध सुरक्षा विधेयक 2018
किसने: केंद्रीय मंत्रिमंडल
कब: 13 जून 2018

  •  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 जून 2018 को बांध सुरक्षा विधेयक 2018 (Dam Safety Bill, 2018) को संसद में प्रस्‍तुत करने के प्रस्‍ताव को स्‍वीकृति दे दी।
  •  यह विधेयक राज्‍यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को एकरूप बांध सुरक्षा प्रक्रियाओं को अपनाने में मदद देगा, जिससे बांधों की सुरक्षा सुनिश्‍चित होगी और इन बांधों से होने वाले लाभ सुरक्षित रहेंगे। इससे मानव जीवन, पशु धन और संपत्ति की सुरक्षा में भी मदद मिलेगी।
  • अग्रणी भारतीय विशेषज्ञों और अतंर्राष्‍ट्रीय विशेषज्ञों के साथ व्‍यापक विचार विर्मश के बाद प्रारूप विधेयक को अंतिम रूप दिया गया है।

विधेयक की प्रमुख विशेषताएं

  • विधेयक में देश में निर्दिष्‍ट बांधों की उचित निगरानी, निरीक्षण, संचालन तथा रख-रखाव का प्रावधान है, ताकि उनका सुरक्षित काम-काज सुनिश्‍चित किया जा सके।
  • विधेयक में बांध सुरक्षा पर राष्‍ट्रीय समिति गठित करने का प्रावधान है। यह समिति बांध सुरक्षा नीतियों को विकसित करेगी और आवश्‍यक नियमनों की सिफारिश करेगी।
  • विधेयक में राष्‍ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण का गठन नियामक संस्‍था के रूप में करने का प्रावधान है। यह प्राधिकरण नीति, दिशा-निर्देश और देश में बांध सुरक्षा के लिए मानकों को लागू करेगा।
  • विधेयक में राज्‍य सरकार द्वारा बांध सुरक्षा पर राज्‍य समिति गठित करने का प्रावधान है।

राष्‍ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण

  • यह प्राधिकरण (National Dam Safety Authority) बांध सुरक्षा संबंधी डाटा और व्‍यवहारों के मानकीकरण के लिए राज्‍य बांधसुरक्षा संगठनों और बांधों के मालिकों के साथ संपर्क बनाए रखेगा।
  •  प्राधिकरण राज्‍यों तथा राज्‍य बांध सुरक्षा संगठनों को तकनीकी और प्रबंधकीय सहायता उपलब्‍ध कराएगा।
  • प्राधिकरण देश के सभी बांधोंका राष्‍ट्रीय स्‍तर पर डाटा बेस तथा प्रमुख बांध विफलताओं का रिकॉर्ड रखेगा।
  • प्राधिकरण किसी प्रमुख बांध की विफलताओं के कारणों की जांच करेगा।
  • प्राधिकरण नियमित निरीक्षण के लिए तथा बांधों की विस्‍तृत जांच के लिए मानक दिशा-निर्देशों और नियंत्रण सूचियों को प्रकाशित करेगा और अद्यतन रखेगा।
  • प्राधिकरण उन संगठनों की मान्‍यता या प्रत्‍ययन का रिकॉर्ड रखेगा, जिन्‍हें जांच, नए बांधों की डिजाइन और निर्माण का कार्य सौंपा जा सकता है।
  • प्राधिकरण दो राज्‍यों के राज्‍य बांध सुरक्षा संगठन के बीच या किसी राज्‍य बांध सुरक्षा संगठन और उस राज्‍य के बांध के स्‍वामी के बीच विवाद का उचित समाधान करेगा।
  •  कुछ मामलों में जैसे, एक राज्‍य का बांध दूसरे राज्‍य के भू-भाग में आता है तो राष्‍ट्रीय प्राधिकरण राज्‍य बांध सुरक्षा संगठन की भूमिका भी निभाएगा और इस तरह अंतर-राज्‍य विवादों के संभावित कारणों को दूर करेगा।

राज्‍य बांध सुरक्षा समिति  

  • यह समिति (State Committee on Dam Safety) राज्‍य में निर्दिष्‍ट सभी बांधों की उचित निगरानी, निरीक्षण, संचालन और रख-रखाव सुनिश्‍चित करेगी। समिति यह सुनिश्‍चित करेगी की बांध सुरक्षा के साथ काम कर रहे हैं।
  • इसमें प्रत्‍येक राज्‍य में राज्‍य बांध सुरक्षा संगठन स्‍थापित करने का प्रावधान है। यह संगठन फील्‍ड बांध सुरक्षा के अधिकारियों द्वारा चलाया जाएगा। अधिकारियों में प्राथमिक रूप से बांध डिजाइन, हाईड्रो मेकेनिकल इंजनीयरिंग, हाईड्रोलॉजी, भू तकनीकी जांच और बांध पुनर्वास क्षेत्र के अधिकारी होंगे।

पृष्‍ठभूमि 

  • भारत में 5200 से अधिक बड़े बांध हैं और लगभग 450 बांध बनाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्‍त मझौले और छोटे हजारों बांध हैं। भारत में बांध सुरक्षा के लिए कानूनी और संस्‍थागत व्‍यवस्‍था नही होने के कारण बांध सुरक्षा चिंता का विषय है। असु‍रक्षित बांध खतरनाक हैं और इनके टूटने से आपदा आ सकती है और परिणामस्‍वरूप बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है।
  •  बांध सुरक्षा विधेयक, 2018 में बांधसुरक्षा संबंधी सभी विषयों को शामिल किया गया है। इसमें बांध का नियमित निरीक्षण, आपात कार्य योजना, विस्‍तृत सुरक्षा के लिए पर्याप्‍त मरम्‍मत और रख-रखाव कोष इंस्‍ट्रूमेंटेशन तथा सुरक्षा मैनुअल शामिल हैं। इसमें बांध सुरक्षा का दायित्‍व बांध के स्‍वामी पर है और विफलता के लिए दंड का प्रावधान है।

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