भारत की पहली लिथियम आयन (ली-आयन) बैटरी परियोजना

Photo Credit: Wikimedia Commons

क्या: देश में ही लिथियम आयनबैटरी निर्माण
कौन: CECRI & RAASI
किसलिए: आयात पर निर्भरता कम करना

  • भारत जल्द ही देश में लिथियम आयन (ली-आयन) बैटरी बनाना शुरू कर देगा।
  • वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के तहत सेंट्रल इलेक्ट्रो केमिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CECRI), कराईकुडी, तमिलनाडु और रासी (RAASI) सौर ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड भारत की पहली लिथियम आयन (ली-आयन) बैटरी परियोजना (Lithium Ion (Li-ion) Battery project) के लिए प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के लिए समझौते के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • सीआरसीआरआई के सी. विजयमोहन के. पिल्लई और रासी समूह के चेयरमैन-सह-प्रबंध निदेशक, सी. नारसिम्हन ने 9 जून, 2018 को बेंगलुरु में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • डॉ गोपु कुमार की अध्यक्षता में सीएसआईआर-सीईसीआरआई के एक समूह ने सीएसआईआर-नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (सीएसआईआर-एनपीएल) नई दिल्ली, सीएसआईआर-सेंट्रल ग्लास और सिरेमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएसआईआर-सीजीसीआरआई) कोलकाता और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (सीएसआईआर-आईआईसीटी) हैदराबाद के साथ भागीदारी में लिथियम-आयन बैटरी की एक स्वदेशी तकनीक विकसित की है।
  • CSIR-CECRI ने चेन्नई में प्रोटोटाइप लिथियम-आयन बैटरी का निर्माण करने के लिए एक डेमो सुविधा स्थापित की है। इसने लागत में कमी लाने की क्षमता के साथ वैश्विक आईपीआर को सुरक्षित किया है।
  • भारत लिथियम आयन बैटरी के सबसे बड़े आयातकों में से एक है और 2017 में इसने ली-आयन बैटरी के लगभग 150 मिलियन अमेरिकी डॉलर का आयात किया था। वर्तमान में, भारतीय निर्माता चीन, जापान और दक्षिण कोरिया से लिथियम आयन बैटरी का आयात करते हैं।
  •  केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ हर्षवर्धन के अनुसार, यह प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दो प्रमुख कार्यक्रमों; 2022 तक स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से 175 गीगा वाट विद्युत् उत्पन्न करके, जिसमे 100 मेगावाट सौर ऊर्जा स्रोतों से शामिल हैं, स्वच्छ ऊर्जा के हिस्से में वृद्धि तथा राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन के तहत वर्ष 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर पूरी तरह से स्विच करना।
    रासी समूह बैंगलोर के नजदीक तमिलनाडु के कृष्णगिरी जिले में विनिर्माण सुविधा स्थापित करेगा।

क्या है ली-आयन बैटरी?

  • यह रिचार्जेबल बैटरी है जिसमें उच्च ऊर्जा घनत्व होता है और इसमें इलेक्ट्रोड के रूप में धातु लिथियम के बजाय इंटरकलेटेड लिथियम यौगिक का उपयोग किया जाता है ।
  • ली-आयन बैटरी का अनुप्रयोग एनर्जी स्टोरेज सिस्टममें हैं, जिनमे शामिल हैं; श्रवण सहायता से कंटेनर आकार की बैटरी से लेकर गांवों के समूह, इलेक्ट्रिक वाहन (2-व्हीलर, 3-व्हीलर, 4-व्हीलर और बस), पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र, ग्रिड स्टोरेज, दूरसंचार और दूरसंचार टावर्स, चिकित्सा उपकरण, घरेलू और कार्यालय पावर बैक (यूपीएस), प्रसंस्करण उद्योग में रोबोट में संचालन।
  • लिथियम-आयन बैटरी बिना किसी तार के किसी भी विद्युत अनुप्रयोग को विद्युत् प्रदान कर सकती है।

Written by 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *