संयुक्‍त राष्‍ट्र द्वारा घोषित लघु मध्‍यम उद्यम दिवस मनाने के लिए उद्यम संगम – 2018 का उद्घाटन

  • राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने 27 जून 2018 को दूसरे संयुक्त राष्ट्र सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम दिवस (United Nations Micro, Small and Medium-sized Enterprises Day) मनाने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) द्वारा आयोजित उद्यम संगम- 2018 (Udyam Sangam) का उद्घाटन किया।
  • इस मौके पर राष्ट्रपति ने सौर चरखा और एमएसएमई संपर्क पोर्टल भी लॉन्च किया।
  • राष्ट्रपति के अनुसार उद्यम संगम- 2018 एमएसएमई क्षेत्र के लिए प्रभावी ईको व्यवस्था विकसित करने की एक अहम कोशिश है। उनके मुताबिक संगम वित्त, प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक संस्थान, उद्योग, मीडिया, राज्य सरकारों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों को एमएसएमई क्षेत्र में ईको व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विस्तार से विचार-विमर्श करने का मौका उपलब्ध कराएगा।
  • शुरू की गई संपर्क पोर्टल कुशल लोगों का समूह विकसित करने और प्रशिक्षित युवाओं को विभिन्न रोजगार अवसरों के बारे में जानकारी दिलाने में काफी मददगार होगा।
  • एमएसएमई क्षेत्र को  अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी माना गया है।
  • एमएसएमई क्षेत्र का रोजगार के क्षेत्र में लगभग 60 प्रतिशत का योगदान है।
  • राष्ट्रपति के अनुसार देशभर की 6.5 करोड़ एमएसएमई इकाईयां 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देकर देश के विकास में 10 प्रतिशत से अधिक का योगदान दे रही हैं, जो भारी औद्योगिक इकाईयों से अधिक है। यह क्षेत्र कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार मुहैया कराने वाला दूसरा क्षेत्र है। यह क्षेत्र कम लागत पर अधिक रोजगार के अवसर पैदा करता है।
  • इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बात यह है कि यह ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराता है। एमएसएमई क्षेत्र कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण और विकास के विकेन्द्रीकरण के जरिए समावेशी वृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने में मदद कर सकता है।
  • राष्‍ट्रपति ने अरूणाचलम मुरूगंथम द्वारा किफायती सेनेटरी नेपकिन का निर्माण कर महिलाओं में स्‍वच्‍छता को बढ़ावा देने के कार्यों की सराहना की। अब 100 से भी अधिक देशों के उदयमी इस तरह के नेपकिन बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके संघर्ष पर आधारित एक फिल्‍म भी बनाई गई है।  

सौर चरखा मिशन

  • राष्‍ट्रपति ने 27 जून को सौर चरखा मिशन का शुभारंभ किया। इसमें 50 क्‍लस्‍टरों को कवर किया जाएगा और प्रत्‍येक क्‍लस्‍टर में 400 से 2000 कारीगरों को रोजगार दिया जाएगा।
  • इस मिशन को भारत सरकार की मंजूरी मिल चुकी है और एमएसएमई मंत्रालय कारीगरों के लिए 550 करोड़ रूपये की सब्सिडी प्रदान करेगा।
  • सौर चरखा मिशन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा होगा, जो पर्यावरण अनुकूल अर्थव्‍यवस्‍था में योगदान देगा।

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