भारतीय रेलवे की ‘रेल धरोहर डिजिटलीकरण परियोजना’ का शुभारंभ

  • रेल एवं कोयला मंत्री श्री पीयूष गोयल ने 28 सितम्‍बर 2018 को नई दिल्‍ली में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गूगल आर्ट्स एंड कल्‍चर के सहयोग से भारतीय रेलवे की ‘रेल धरोहर डिजिटलीकरण परियोजना’ का शुभारंभ किया। 
  • रियोजना के बारे में विस्‍तृत जानकारी इस लिंक “https://artsandculture.google.com/project/indian-railways” के जरिए प्राप्‍त की जा सकती है।
  • यह परियोजना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों को देश की रेल धरोहरों से रू-ब-रू कराने के उद्देश्‍य से दुनिया के इस हिस्से में अपनी तरह का प्रथम ऐतिहासिक प्रयास है।
  • इसे ‘गाथा बयां करने वाले ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म’ के जरिए सुलभ कराया जाएगा।
  • सांस्‍कृ‍तिक धरोहर डिजिटलीकरण की यह परियोजना भारत में ही न‍हीं बल्कि संभवत: समूचे एशिया प्रशांत क्षेत्र की सबसे बड़ी परियोजना है। 
  • गूगल आर्ट एंड कल्‍चर के साथ साझेदारी के माध्‍यम से रेवाड़ी स्‍टीम सेंटर स्थित राष्‍ट्रीय रेल संग्रहालय, तीन वर्ल्‍ड हेरीटेज रेलवे, सीएसएमटी मुंबई भवन समेत देश की रेलवे धरोहर से जुड़े कई अन्‍य स्‍थानों का डिजिटलीकरण किया गया है। उ 
  • दक्षिण पूर्व एशिया और भारत में गूगल के उपाध्‍यक्ष श्री राजन अनंदन ने कहा कि 400 रेवले स्‍टेशनों पर वाईफाई सेवा उपलब्‍ध कराने के लिए भारतीय रेल के साथ किए गए सहयोग का उद्देश्‍य भारतीय रेल की धरोहर को ऑनलाइन उपलब्‍ध कराना है।
  • 16 अप्रैल 1853 को पहली ट्रेन बोरी बंदर और ठाणे के बीच चलाई गई थी।  इस ऐतिहासिक परियोजना को प्रदर्शित करने के लिए भारत में विभिन्‍न स्‍थानों पर 22 डिजिटल स्‍क्रीन लगाएंगे।

Written by 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *