साइक्लोन-30-वीईसीसी केंद्र कोलकाता में आरंभ

प्रारंभिकी परीक्षा में सामान्य अध्ययन विज्ञान-प्रौद्योगिकी खंड के लिए उपयोग
मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन-III के विज्ञान प्रौद्योगिकी के तहत परमाणु चिकित्सा खंड के लिए उपयोग

  • चिकित्सा उपयोग के लिए भारत का सबसे बड़ा साइक्लोट्रॉन (Cyclotrons) ‘साइक्लोन-30’ (Cyclone-30) का सितंबर 2018 में का संचालन आरंभ हो गया। इसका संचालन तब आरंभ हुआ जब 30एमईवी बीम पहली बार फराडे कप (Faraday Cup) पहुंचा।
  • इसके पश्चात इस केंद्र के बीम का उपयोग एफडीजी ([18 FlFluorodeoxyglucose (FDG) तैयार करने हेतु फ्लूओरिन-18 (Fluorine-18 isotope) आइसोटोप के उत्पादन में किया गया। एफडीजी एक रेडियो दवा है जिसका इस्तेमाल बोर्ड ऑफ रेडिएशन एंड आइसोटोप टेक्नोलॉजी (बीआरआईटी) द्वारा किया जाता है।
  • इस केंद्र से इस दवा का नियमित उत्पदन अगले वर्ष से आरंभ होगा।
  • साइक्लोट्रोन का उपयोग कैंसर के उपचार के लिए रेडियो आइसोटोप्स के उत्पादन के लिए किया जाता है।
  • वीईसीसी (Variable Energy Cyclotron Centre: VECC) कोलकाता स्थित साइक्लोन-30 केंद्र जो कि परमाणु ऊर्जा विभाग की इकाई है के पास कई विशिष्टताएं होंगी तो क्रियान्वयन के विभिन्न स्तरों पर है।
  • यह केंद्र पूरे देश के लिए, विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत के लिए सस्ते रेडियो आइसोटॉप उपलब्ध कराएगा। साथ ही जर्मेनियम-68/गैलियम-68 (Germanium-68/Gallium-68) निर्यात क्षमता से भी यह केंद्र होगा। इससे गैलियम-68 एवं पैलेडियम-103 आइसोटोप का उत्पादन संभव हो सकेगा जिसका इस्तेमाल स्तन कैंसर व प्रोस्टैट कैंसर के इलाज में होता है।

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