आईएएस (UPSC) की तैयारीः कब-कैसे


संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित सेवाओं के सर्वाधिक योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाता है। जिन सेवाओं के लिए चयन किया जाता है उनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय विदेश सेवा प्रमुख हैं। देश में सभी उच्च सरकारी पदों पर इन्हीं सेवाओं के लोग नियुक्त होते हैं। इनके हाथ में नीति निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। स्वाभाविक है कि ऐसे लोगों के चयन के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा भी काफी कठिन होगी। परंतु कठिन स्वरूप होने के बावजूद सिविल सेवा परीक्षा देश की ऐसी परीक्षा है जिसमें सफलता प्राप्ति के लिए किसी तकनीकी ज्ञान की जरूरत नहीं पड़ती न ही विषय की विशेषज्ञता की जरूरत पड़ती है। इसलिए तो इसके लिए न्यूनतम योग्यता महज स्नातक रखी गई है। कहने का मतलब यह कि कोई भी स्नातक योग्यताधारी देश की इस सर्वाधिक प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हो सकता है वर्शते कि वह सही दिशा में सही रणनीति व सही अध्ययन सामग्रियों के साथ अध्ययन करे।

तैयारी कब आरंभ करें
वैसे तो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी दो वर्ष पहले (परीक्षा वर्ष) आरंभ करनी चाहिए। लेकिन यदि आपने स्नातक के दौरान ही इसके बारे में सोचना आरंभ कर दिया है तो और अच्छा। सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए एक वर्ष की गंभीर तैयारी जरूरी है।

कैसे आरंभ करें तैयारी?
सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी आरंभ करने का पहला चरण है सिविल सेवा परीक्षा प्रणाली को समझना। इसके लिए सिविल सेवा परीक्षा का विज्ञापन व उसके साथ प्रकाशित परीक्षा प्रणाली व पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन करें।
(परीक्षा प्रणाली व यूपीएससी पाठ्यक्रम के लिए यहां क्लिक करें।)

इस अध्ययन से आपको परीक्षा प्रक्रिया के बारे में समझ तो आएगी ही, साथ ही यह भी जान पाएंगे कि आपके अध्ययन का क्षेत्र क्या होगा और उसकी क्या सीमा क्या होगी।

विगत वर्ष के प्रश्नों का अध्ययन व विश्लेषण
एक बार जब आप परीक्षा प्रणाली व पाठ्यक्रम से अवगत हो जाएंगे तब विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों अवलोकन अनिवार्य हो जाता है। ये प्रश्न आपको यूपीएससी की वेबसाइट से मिल जाएगी। आप प्रारंभिकी एवं मुख्य परीक्षा के प्रश्नों को बारी-बारी से अध्ययन करें व विश्लेषण करें। प्रश्नों के विश्लेषण से आप जान पाएंगे कि प्रश्नों का स्वरूप क्या होता है और किन क्षेत्रें पर बल होता है। इससे आप यह भी जान पाएंगे कि क्या पढ़ना है और क्या छोड़ना है तथा कैसे पढ़ना है।

वैकल्पिक विषय का चयन

यूपीएससी में एक वैकल्पिक विषय का चयन करना पड़ता है। वैकल्पिक विषय के चयन में अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, आपकी अभिरूचि, उपलब्ध मार्गदर्शन, विषय के साथ सहजता व उपलब्ध अध्ययन सामग्री को ध्यान में रखना चाहिए।

अध्ययन सामग्रियां
एक बार जब आप अपने अध्ययन क्षेत्र की पहचान कर लेते हैं तब सबसे बड़ी समस्या आती है अध्ययन सामग्रियों की पहचान व खरीद की। अध्ययन सामग्रियों का चयन सावधानीपूर्वक करनी चाहिए। यहां सामान्य अध्ययन (प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा) के लिए अध्ययन सामग्रियों की सूची दी जा रही हैः
1. समाचार पत्रः प्रतिदिन द हिंदू व इंडियन एक्सप्रेस का अध्ययन अवश्य करें, खासकर संपादकीय का। वैसे जीएस टाइम्स की वेबसाइट पर महीन भर के उपयोगी व प्रासंगिक संपादकीय संग्रह उपलब्ध है जिसे आप सब्सक्राइब कर सकते हैं। इन दोनों समाचारपत्रों की खबरों का भी अध्ययन करें।
2. पत्रिकाः डाउन टू अर्थ, ज्योग्राफी एंड यू (भूगोल और आप), योजना व कुरुक्षेत्र के चयनित अंकों का अध्ययन किया जा सकता है।
3. भारत का इतिहासः एनसीईआरटी, झा एवं श्रीमाली, एनआईओएस, हरिश्चंद्र वर्मा
4. स्वतंत्रता संघर्षः बिपिन चंद्रा व बी.एल. ग्रोवर
5. विश्व इतिहासः जैन एवं माथुर
5. पर्यावरणः इस खंड के तहज भारत में पाई जाने वाली प्रजातियां, नई प्रजातियां, पर्यावरण संगठन, कार्यक्रम, अभियान, पर्यावरणीय कानून एवं कंवेंशन से मुख्यतः प्रश्न आते हैं। समाचारपत्र (द हिंदू), डाउन टू अर्थ, पीआईबी, पर्यावरण मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट, यूएनईपी की वेवसाइट व उसकी रिपोर्ट का अध्ययन करें।
6. भारतीय राजव्यवस्थाः एनसीईआरटी, एम. लक्ष्मीकांत, सुभाष कश्यप (हमारी संसद), द हिंदू व इंडियन एक्सप्रेस। मुख्य परीक्षा में समाचारपत्रों के संपादकीय काफी उपयोगी होते हैं जो विश्लेषणपरक होते हैं। मुख्य परीक्षा में प्रश्नों को हल करने में इससे काफी मदद मिलती है।
7. भारतीय संस्कृतिः इस खंड में प्रारंभिकी परीक्षा में भारत के पर्व त्योहार, परंपराएं, पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति, जनजातीय संस्कृति, जीआई टैग, विभिन्न लोग एवं उनके रहन-सहन से आते हैं। दैनिक स्तर पर समाचारपत्रों के अध्ययन से पर्व-त्योहारों के बारे में जानकारी मिल जाती है। द हिंदू व डाउन टू अर्थ पत्रिका में इन पर हमेशा कुछ न कुछ छपता रहता है। उनका संग्रह किया जा सकता है। भारतीय संस्कृति पर किसी एक पुस्तक का भी अध्ययन किया जा सकता है।
8. भूगोलः भूगोल के अध्ययन के लिए एनसीईआररटी व नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी की पुस्तकें काफी उपयोगी हैं। समसामयिक विषयों एवं मुद्दों पर प्रश्न अधिक आते हैं।
9. विज्ञान व प्रौद्योगिकीः इस खंड के प्रश्न काफी समसामयिक होते हैं। द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस, डेली मेल साइंस (वेवसाइट), डाउन टू अर्थ का अध्ययन करें।
10.अर्थव्यवस्थाः इस खंड की तैयारी के लिए आर्थिक समीक्षा, समाचार पत्रों का अध्ययन काफी है।
11. टर्मिनोलॉजीः प्रारंभिक परीक्षा में समसामयिक टर्म्स से बहुत प्रश्न पूछे जाते हैं। समाचारपत्रों के अध्ययन के क्रम में आप इन शब्दों या टर्म्स को नोट कर लें। स्टैंडर्ड मॉडल, डोमेस्टिक रिक्वायमेंट इत्यादि जैसे सवाल टर्म्स से ही संबंधित हैं। जीएस टाइम्स के करेंट अफेयर्स वस्तुनिष्ठ प्रश्न खंड में इन टर्म्स को कवर किया जाता है। आप उनका अध्ययन कर सकते हैं।

प्रारंभिकी टेस्ट सीरिज

प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी में टेस्ट सीरिज की बड़ी भूमिका होती है। इनमें यूपीएससी स्टैंडर्ड के प्रश्न सेट किए जाते हैं। इससे आपका नियमित तौर पर विभिन्न विषयों में आपकी तैयारी का मूल्यांकन हो जाता है। जीएस टाइम्स की अपनी टेस्ट सीरिज है जो आपको तैयारी में काफी मदद करेगी। आप इसे सब्सक्राइब कर सकते हैं।

लेखन अभ्यास

मुख्य परीक्षा की तैयारी में आपकी लेखन शैली व गति काफी महत्वपूर्ण निभाती है। तीन घंटे में आपको 20 प्रश्नों का टू डी प्वाइंट उत्तर देना होता है। यह तभी संभव है जब लेखन का अभ्यास किए हों। ध्यान रहे कि आपने कितना पढ़ा है और कितनी तैयारी की है वह तीन घंटे में आपकी लेखनी के माध्यम से प्रकट होता है। परीक्षक के समक्ष आपका उत्तर ही होता है, जिससे आपका मूल्यांकन होता है। लेखन शैली एक दिन में विकसित नहीं होती। इसके लिए नियमित तौर पर प्रश्नों का उत्तर लिखने का अभ्यास करना चाहिए। यदि संभव हो तो खुद मूल्यांकन करें या किसी विशेषज्ञ से मूल्यांकन कराएं। जीएस टाइम्स वेवसाइट पर मुख्य परीक्षा के लिए सामान्य अध्ययन पर प्रति सप्ताह निः शुल्क प्रश्न या टेस्ट उपलब्ध हैं। ये प्रश्न समाचारपत्रों में छपे अालेखों से बनाए जाते हैं। मुख्य परीक्षा में इसमें शामिल टॉपिक्स से प्रश्न पूछने की पूरी संभावना है। आप उनका अभ्यास कर सकते हैं।

इनका ध्यान रखेंः

  • अधिक पुस्तकों का अध्ययन नहीं करें।
  • एक ही पुस्तक का बार-बार अध्ययन करें।
  • एक टॉपिक के सभी पक्षों को जाननें का प्रयास करें।
  • केवल मानक अध्ययन सामग्रियों का ही अध्ययन करें।
  • लेखन का नियमित अभ्यास करें।
  • मॉक टेस्ट जरूर दें।
  • आईएएस में सफलता के लिए समाचारपत्र की सर्वाधिक भूमिका हो गई है, खासकर मुख्य परीक्षा में।

सिविल सेवा परीक्षा के बारे में आपके मन में कोई भी दुविधा हो या प्रश्न हो आप हमें ई-मेल (gstimes.in@gmail.com) के माध्यम से पूछ सकते हैं। आपकी समस्या का समाधान करने में हमें काफी प्रसन्नता मिलगी।

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