फॉल्स स्मट रोग का प्रकोप

एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश और उसके बाद आई बाढ़ के कारण पंजाब के किसान फफूंद-रोधी (एंटी-फंगल) छिड़काव नहीं कर पाए, जिससे फॉल्स स्मट (हल्दी रोग) नामक बीमारी का प्रकोप बढ़ गया। रिपोर्ट के अनुसार, धान की फसल, जो परिपक्व होने और कटाई के चरण में है, फॉल्स स्मट रोग से ग्रस्त हो गई है और पूरे राज्य में व्यापक नुकसान पहुँचा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बीमारी के कारण फसल की उपज में लगभग 5-6% की हानि हुई है, जो कुल उपज और फसल की लागत के संदर्भ में गणना की जाए तो बहुत अधिक है।

फॉल्स स्मट के कारण दानों में चाक जैसापन (chalkiness) आ जाता है, जिससे दानों का वजन कम हो जाता है। यह बीज के अंकुरण को भी कम कर देता है।

यह बीमारी उन क्षेत्रों में हो सकती है जहाँ सापेक्षिक आर्द्रता (>90%) अधिक हो और तापमान 25–35°C r के बीच हो। बारिश, उच्च आर्द्रता, और उच्च नाइट्रोजन सामग्री वाली मिट्टी भी इस रोग के विकास को बढ़ावा देती है। हवा फफूंद के बीजाणुओं को एक पौधे से दूसरे पौधे तक फैला सकती है।

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