भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2017ः कुल वन और वृक्ष आवरण में एक प्रतिशत वृद्धि

    • केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री हर्षवर्धन ने 12 फरवरी, 2018 को नई दिल्ली में भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2017 जारी किया। भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2017, इस श्रृंखला की 15 वीं रिपोर्ट है। इसे देहरादून स्थिति भारतीय वन सर्वेक्षण ने वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया है। भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2017 की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
    • भारत में कुल वन आवरण 7,08,273 वर्ग किलोमीटर है जो कि देश के कुल वन क्षेत्र का 21.54 प्रतिशत है।
    • कुल वन और वृक्ष आच्छादनः देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का कुल वन और वृक्ष आच्छादन 24.39 प्रतिशत है।
    • रिपोर्ट के मुताबिक देश में कुल वन और पेड़ के आवरण में 8,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक की वृद्धि हुई है, जो 2015 के मुकाबले एक प्रतिशत की वृद्धि प्रदर्शित करता है।
    • वन आवरण में वृद्धिः 2015 में पिछले मूल्यांकन की तुलना में, देश के कुल जंगल और वृक्ष कवर में 8021 वर्ग किमी (लगभग 80.20 मिलियन हेक्टेयर) की वृद्धि हुई है।
    • वन आवरण में सर्वाधिक वृद्धि मुख्य रूप से अत्यंत घना वन (वीडीएफ) में वृद्धि के कारण और यह प्रसन्नता की बात है क्योंकि वीडीएफ ही वातावरण से अधिकतम कार्बन डाइऑक्साइड  अवशोषित करती है। वीडीएफ के पश्चात सर्वाधिक वृद्धि ‘ऽुले वन’ में हुई है।
    • कुल वन क्षेत्र वृद्धि में वन 6,778 वर्ग किमी तथा वृक्ष आवरण 1,243 वर्ग किमी है।
    • मध्य प्रदेश में सर्वाधिक वन क्षेत्रः मध्य प्रदेश में कुल वन आवरण 77,414 वर्ग किलोमीटर है जो कि देश का सबसे बड़ा वन क्षेत्र है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश (66,964 वर्ग किमी) और छत्तीसगढ़ (55,547 वर्ग किमी) का स्थान है।
    • प्रतिशत वन क्षेत्र के मामले मेंः कुल भौगोलिक क्षेत्र के प्रतिशत के रूप में सर्वाधिक वन आवरण लक्षद्वीप (90.33 प्रतिशत) में है। इसके बाद मिजोरम (86.27 प्रतिशत) और अंडमान निकोबार द्वीप (81.73 प्रतिशत) है। 
    • सर्वाधिक वृद्धिः सफल कृषि वानिकी प्रथा, मैंग्रोव कवर, बेहतर संरक्षण और संरक्षण पंरपराओं के कारण आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में वन आवरण में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई।
    • आंध्र प्रदेश में 2141 वर्ग किमी., कर्नाटक में 1101 वर्ग किमी. और केरल में 1043 वर्ग किमी- की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है। 
    •  15 राज्यों में 33% से अधिक वन आवरणः देश के 15 राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में कुल क्षेत्रफल के मुकाबले  वन क्षेत्र 33% से ऊपर है।
    • सात राज्यों; मिजोरम, लक्षद्वीप, अंदमान और निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय और मणिपुर में  वन आवरण 75 प्रतिशत से अधिक है।
    • आठ राज्यों; त्रिपुरा, गोवा, सिक्किम, केरल, उत्तराऽंड, दादरा एवं नगर हवेली, छत्तीसगढ़ और असम में वन क्षेत्र 33% से 75% के बीच है। 
    • देश के लगभग 40% वन आवरण 10, 000 वर्ग किमी. या उससे अधिक आकार के 9 बड़े संस्पर्शी हिस्सों में मौजूद हैं।




    • कुल मैंग्रोव आवरणः  देश में कुल मैंग्रोव आवरण 4,921 वर्ग किलोमीटर है जो वर्ष 2015 के मुकाबले 181 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्शाता है।
    • देश के सभी 12 मैन्ग्रोव राज्यों ने पिछले मूल्यांकन के मुकाबले मैंग्रोव आवरण में सकारात्मक बदलाव प्रदर्शित किया है। मैंग्रोव पारिस्थितिकी व जैव विविधता समृद्ध क्षेत्र हैं और कई पारिस्थितिक सेवाएं प्रदान करता है।
    • कुल बढ़ता वन स्टॉकः वनों के बाहर भारत का कुल वृद्धिमान वन व पेड़ भंडार या स्टॉक  5,822.377 मिलियन क्युम है, जिसमें से 4,218.380 मिलियन क्युम जंगलों के भीतर है और 1,603.997 मिलियन क्युम उसके बाहर है। विगत मूल्यांकन की तुलना में, कुल बढ़ते स्टॉक 53.990 लाऽ रूपये की वृद्धि हुई है। इसमें से बढ़ते स्टॉक में वृद्धि, वन के अंदर 23.333 मिलियन क्युम  और वन क्षेत्र के बाहर 30.657 मिलियन क्युम है। 
    • देश के वनों में कुल अनुमानित कार्बन स्टॉक 7,082 मिलियन टन है, जो पिछले मूल्यांकन के मुकाबले 38 मिलियन टन की वृद्धि दर्शाता है।
    • बांस युक्त क्षेत्र का विस्तारः देश में बांस युक्त क्षेत्र 15.69 मिलियन हेक्टेयर अनुमानित है। वर्ष 2011 में किए गए अंतिम मूल्यांकन की तुलना में, बांस क्षेत्र में 1.73 मिलियन हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।
    • -जंगल में बांस का वृद्धिमान स्टॉक 189 मिलियन टन है। 2011 में किए गए अंतिम मूल्यांकन की तुलना में बांस के वृद्धिमान स्टॉक में 19 मिलियन टन की वृद्धि हुई है।
    • वन क्षेत्रों के बाहर उगाये जा रहे बांस को पेड़ की श्रेणी से हटाने के लिए सरकार ने हाल ही में एक विधेयक लाया था। इस विधेयक के माध्यम से लोगों को निजी भूमि पर बांस विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जो किसानों के लिए आजीविका के अवसरों को बढ़ाने में मददगार होगा और देश के हरित आवरण में वृद्धि के साथ कार्बन स्टॉक को भी बढ़ाएगा।




  • भारत शीर्ष 10 देशों में शामिलः कुल क्षेत्रफल की तुलना में वनाच्छादन प्रतिशत के मामले में भारत विश्व के 10 सर्वोच्च देशों में शामिल है। प्रतिशत वन आवरण में भारत 10 वें स्थान पर है, -यह आश्चर्यजनक इसलिए भी है कि क्याेंकि विश्व के कुल धरातलीय क्षेत्रफल में भारत का योगदान केवल 2.4% है और इसी पर विश्व की 17 प्रतिशत मानव आबादी व 18 प्रतिशत पशु आबादी निर्भर है। 
  • सर्वाधिक वनाच्छादन वाले 10 देशों में भारत को छोड़कर शेष 9 देशों का जन घनत्व 150 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है जबकि भारत का जन घनत्व 382 व्यत्तिफ़ प्रति वर्ग किमी है। 
  • जल निकायः मूल्यांकन के अनुसार वर्ष 2005 से 2015 के बीच वन क्षेत्रें के जल निकायों में 2647 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुयी है। 

क्या है भारत वन स्थिति रिपोर्ट?

  • भारत वन स्थिति रिपोर्ट भारत वन सर्वेक्षण द्वारा वर्ष 1987 से जारी किया जाता रहा है। मौजूदा रिपोर्ट 17वीं है।
  • इस रिपोर्ट में वन आवरण, पेड़ आवरण, मैंग्रोव आवरण, वन क्षेत्र के बाहर व भीतर वृद्धिमान स्टॉक, भारत के वन क्षेत्र में कार्बन स्टॉक को शामिल किया जाता है। 

क्या होता है वन आवरण?

  • वन आवरण से तात्पर्य एक हेक्टेयर से अधिक भूमि जहां पेड़ कैनोपी 10 प्रतिशत से अधिक हो। इसमें बगीचा, बांस, ताड़ इत्यादि शामिल होते हैं।

दर्ज वन क्षेत्र (Recorded Forest Area) क्या है? 

    • सरकारी रिकॉर्ड में शामिल वन के रूप में शामिल भौगोलिक क्षेत्र को दर्ज वन क्षेत्र कहा जाता है। इसमें मुख्यतः आरक्षित वन क्षेत्र व संरक्षित वन क्षेत्र शामिल होते हैं। 



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