जीडीपी के लिए नया आधार वर्ष 2017-2018 व चार नये सर्वेक्षणों की शुरुआत

  • केंद्र सरकार ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) व औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आकलन के लिए आधार वर्ष बदलकर 2017-18 कर दिया है जबकि मुद्रास्फीति की गणना के लिए आधार वर्ष 2018 कर दिया गया है।
  • केंद्रीय सांख्यिकी व क्रियान्वयन मंत्री श्री सदानंद गौडा ने 15 फरवरी, 2018 को इस बदलाव की घोषणा की। इसकी घोषणा के दौरान उन्होंने  मंत्रालय की कुछ उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। 

सांख्यिकी व क्रियान्वयन मंत्रालय की उपलब्धियां

  • सांख्यिकी व क्रियान्वयन मंत्रलय 2 योजनाएं संचालित कर रहा है: इनमें 1. क्षमता विकास (सीडी) योजना और 2. सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीलैड) शामिल है।
  • इसके अलावा मंत्रलय राष्ट्रीय महत्व के एक संस्थानए भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) को उसके रोजमर्रा के कामकाजए बुनियादी ढांचा विकास और अनुसंधान/शैक्षणिक गतिविधियों के लिए अनुदान सहायता प्रदान करता है।

चार नये सर्वेक्षणों की शुरुआतः केंद्रीय मंत्री ने चार नये सर्वेक्षण आरंभ करने की भी घोषणा की। ये निम्नलिखित हैं:

  1.  सेवाओं का वार्षिक सर्वेक्षण,
  2. अनौपचारिक उद्यमों का सर्वेक्षण,
  3. समय उपयोग यानी टाइम यूज सर्वेक्षण व
  4. आर्थिक जनगणना यानी इकोनॉमिक सेंसस।



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