2017-18 में रिकॉर्ड 277.49 मिलियन टन खाद्यान्‍न उत्‍पादन का अनुमान

  • कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्‍याण विभाग द्वारा 2017-18 के लिए मुख्‍य फसलों के उत्‍पादन के दूसरे अग्रिम अनुमानों को 27 फरवरी, 2018 को जारी किया गया।
  • दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार, 2017-18 के दौरान मुख्‍य फसलों के अनुमानित उत्‍पादन इस प्रकार है:
  • कुल खाद्यान्न उत्पादन :        277.49 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
    • चावल:                                      111.01 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
    • गेहूं:                                          97.11 मिलियन टन
    • मोटे अनाज:                             45.42 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
    • मक्‍का:                                     27.14 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
    • दलहन:                                     23.95 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
    • चना:                                        11.10 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
    • तूर:                                          4.02 मिलियन टन
    • उड़द:                                       3.23 मिलियन टन (रिकॉर्ड)
    • तिलहन :                               29.88 मिलियन टन
    • सोयाबीन:                               11.39 मिलियन टन
    • मूंगफली:                                8.22 मिलियन टन
    • अरंडी बीज :                            1.50 मिलियन टन
    • कपास:                                 33.92 मिलियन गांठें (प्रति 170 किलोग्राम की)
    • गन्‍ना:                                  23 मिलियन टन
  • रिकॉर्ड खाद्यान्‍न उत्‍पादन: मानसून 2017 के दौरान लगभग सामान्‍य वर्षा एवं सरकार द्वारा की गई विभिन्‍न नीतिगत पहलों के परिणामस्‍वरूप मौजूदा वर्ष में देश में रिकॉर्ड खाद्यान्‍न उत्‍पादन हुआ है। 2017-18 के लिए दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार देश में कुल खाद्यान्‍न उत्‍पादन 277.49 मिलियन टन तक अनुमानित है जो 2016-17 के दौरान विगत 275.11 मिलियन टन के रिकॉर्ड खाद्यान्‍न उत्‍पादन की तुलना में 2.37 मिलियन टन अधिक है। मौजूदा वर्ष का उत्‍पादन भी विगत पांच वर्षों (2012-13 से 2016-17) के औसत खाद्यान्‍न उत्‍पादन की तुलना में 17.31 मिलियन टन अधिक है।
  • चावल का कुल उत्‍पादन: 2017-18 के दौरान चावल का कुल उत्‍पादन रिकॉर्ड 111.01 मिलियन टन अनुमानित है। चावल का उत्‍पादन 2016-17 के दौरान प्राप्‍त विगत 109.70 मिलियन टन के उत्‍पादन की तुलना में 1.31 मिलियन टन अधिक है। यह पांच वर्षों के 106.29 मिलियन टन के औसत उत्‍पादन की तुलना में भी 4.71 मिलियन टन अधिक है।
  • गेहूं का उत्‍पादन: गेहूं का उत्‍पादन 97.11 मिलियन टन अनुमानित है जो 2016-17 के दौरान प्राप्‍त विगत 98.51 मिलियन टन के रिकॉर्ड गेहूं उत्‍पादन की तुलना में 1.40 मिलियन टन कम है। तथापि, 2017-18 के दौरान गेहूं का उत्‍पादन इसके औसत गेहूं उत्‍पादन की तुलना में 3.77 मिलियन टन अधिक है।
  • मोटे अनाजों का उत्‍पादन: मोटे अनाजों का उत्‍पादन 45.42 मिलियन टन अनुमानित है जो औसत उत्‍पादन की तुलना में 3.72 मिलियन टन अधिक है। इसके अलावा, यह 2016-17 के दौरान प्राप्‍त 43.77 मिलियन टन के विगत उत्‍पादन की तुलना में 1.65 मिलियन टन अधिक है।
  • दलहनों का कुल उत्‍पादन: 2017-18 के दौरान दलहनों का कुल उत्‍पादन रिकॉर्ड 23.95 मिलियन टन तक अनुमानित है जो विगत वर्ष के दौरान प्राप्‍त 23.13 मिलियन टन के उत्‍पादन की तुलना में 0.82 मिलियन टन अधिक है। इसके अतिरिक्‍त, 2017-18 के दौरान दलहनों का उत्‍पादन पांच वर्षों के औसत उत्‍पादन की तुलना में 5.10 मिलियन टन अधिक है।
  • तिलहनों का कुल उत्‍पादन: 2017-18 के दौरान तिलहनों का कुल उत्‍पादन 29.88 मिलियन टन अनुमानित है जो 2016-17 के दौरान प्राप्‍त 31.28 मिलियन टन के उत्‍पादन की तुलना में 1.39 मिलियन टन कम है। तथापि, 2017-18 के दौरान तिलहनों का उत्‍पादन इनके औसत उत्‍पादन की तुलना में मामूली रूप से 0.34 मिलियन टन अधिक है।
  • गन्‍ने का उत्‍पादन: 2017-18 के दौरान गन्‍ने का उत्‍पादन 353.23 मिलियन टन अनुमानित है जो 2016-17 की तुलना में महत्‍वपूर्ण रूप से 47.16 मिलियन टन अधिक है। गन्‍ना उत्‍पादन पांच वर्षों के 342.04 मिलियन टन के औसत उत्‍पादन की तुलना में भी 11.19 मिलियन टन अधिक है।
  • कपास का उत्‍पादन: कपास का उत्‍पादन 33.92 मिलियन गांठें (प्रति 170 किलोग्राम की) अनुमानित है जो विगत वर्ष के 32.58 मिलियन गांठों के उत्‍पादन की तुलना में अधिक है। इसके अलावा, यह पांच वर्षों के 33.50 मिलियन गांठों के औसत उत्‍पादन की तुलना में भी 0.41 मिलियन गांठें अधिक है।
  • पटसन एवं मेस्‍टा का उत्‍पादन: पटसन एवं मेस्‍टा का उत्‍पादन 10.51 मिलियन गांठ (प्रति 180 किलोग्राम की) अनुमानित है जो 2016-17 के दौरान प्राप्‍त उत्‍पादन की तुलना में कम है।



Written by 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *